घंटी बजी-

घंटी बजी—
थाली बजाओ, तिरंगा फहराओ,
उम्मीद वाला, आशीर्वाद वाला
दिया जलाओ।

जनता हाज़िर है सरकार,
कहो अपनी बात
मन की बात-
बेख़ौफ़ होकर सुनाओ!

Comments

Popular posts from this blog

कर्म ही सत्य है!

“आलस! जीवन बना दे श्मशान”

सरस्वती माँ शारदे