विरासत

मैंने भी दर्ज करा दिया
अपना नाम इतिहास के पन्नों पर,
स्याही से नहीं—
अपने हौसलों की आग से,
अपने सपनों की उड़ान से।

अब जब भी
वक़्त के पन्ने पलटे जाएँगे,
मेरी कहानी के साथ
मेरे संघर्षों की बात होगी,
मेरी जीत की बात होगी।

और शायद मेरी सबसे बड़ी जीत
सिर्फ़ मेरा इतिहास बन जाना नहीं—
बल्कि यह होगी कि
जब कोई अगली पीढ़ी
मेरे पन्ने पढ़ेगी,
तो उसकी आँखों में
मेरा सपना 
एक नया सपना बनकर जन्म लेगा।

              "नेहा बोरा,,

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