“आलस! जीवन बना दे श्मशान”
आलस-- जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप, खत्म कर दे जो भूत, भविष्य और वर्तमान, पूर्वजों की समृद्धि-स्वाभिमान। तुम्हारे अन्दर पल रहे- महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध, महावीर, कृष्णा जैसी सम्भावना, तुम्हारी ईच्छाएँ , सपने, कर्म और भाव, एक अकल्पनीय बुद्धि ऊर्जावान। प्रेम से भरा मन और शक्तिशाली तन, एक शानदार व्यक्तित्व, खत्म कर दे जो सारा अभिमान। आलस ! जीवन बना दे श्मशान ! ( जहाँ सिर्फ राख ही राख है)।।