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Showing posts from April, 2019

चुनाव

सुने हो! गाँव में आयो ''चौंकीदार"। बोलके  म्हारी बोली कह गयो मन की बात । ना देखे खाली गाँव ना पूछो किसी को हाल। शब्दों के चलाके बाण दिल जीत गयो ''सुबेदार"                    (पी एम ज...

तुम चाय पे ना बुलाते

हवाएं घटाएं हमें ना सताते। अगर चाय पर तुम हमें ना बुलाते। तुम्हें देख नजरें चुराना, छुपाना, अदाएं, सलीके, शरारत, बहाना, हमारी अदाएं हमें ना सताते। अगर चाय पर तुम हमें ना बुलाते चुड़ी बिंदि झुमके, नयन के इशारे, सुबह-शाम, सूरत बदलते नजारे, समा खूबसूरत हमें ना सुहाते। अगर चाय पर तुम हमें ना बुलाते। मगन मन मधुर मधुर संगीत गाएं, पुलक हृदय में प्रेम लहर लहराएं, कहानी, तुम्हारी हमें ना सुनाते। अगर चाय पर तुम हमें ना बुलाते।  कभी बेवजह यूं न हम मुस्कुराते, समय को कभी हम न ऐसे चुराते। अगर बात दिल की हमें ना बताते, अगर चाय पर तुम हमें ना बुलाते।                                                    # देवी

बदरिया

ओ मेघा काहे तू रूठे सूरज क्यों आँख दिखावे धरती को काहे सतावे बरखा  काहे खेले  आँख-मिचोली यूँ गरज-गरज के चमक-चमक के तू काहे इतना चिढ़ावे प्यासा चातक तुझे बुलावे कोयलिया  भी गीत सुनावे पपीहा भी खुब रिझावे अब तो बरसो रे बदरिया काहे दिखावे तू नखरिया नैना म्हारे तरसो अब तो मेघा बरसो   ।।                                  # देवी

हमारी राजनीति

   अंग्रेज आये हिन्दू-मुसलमान को आपस में लड़ाकर सालों तक राज किया, आजादी के समय भी आपस में लड़ाकर देश का विभाजन कर दियाऔर जाते-जाते हिन्दू-मुसलमान की राजनीति सिखा गये।जो आज तक ...

मेरे अल्फ़ाज़

  मैं मीरा देवी (देवी)        कठिन होता है खुद को पहचानना खुद की तलाश करना,खुद से मिलना, खुद से लड़ना,        जीवन की महानता खुद अपना मालिक बनने में है।        सबसे कठिन है अपने आप क...