रोशनी की कुंजी

विश्वास
रोशनी की कूंजी है 
आशाओं का पासवर्ड है 
युद्ध चल रहा है
हर वीर लड़ रहे हैं 
माना कुछ चेहरे तारे बने हैं 
कुछ नाम गुम हो गए हैं 
हिम्मत और हौसले की
कहानी है उम्मीद।
ये युद्ध भी
हो जायेंगा किताबी 
जीत भी होगी नवाबी
ये मायुसी और उदासी
बीते दिनों की बात होगी।
प्रकृति इमतहान ले रही है 
शायद पाठ कोई समझा रही है।
हम इसी की ही रचना है 
जरा धर्य रखो
शायद अपनी ही रचना में 
सुधार कोई कर रही है।

Comments

Popular posts from this blog

कर्म ही सत्य है!

आलस

सरस्वती माँ शारदे