परीक्षा की घड़ी

#सच्चाई और अच्छाई से आप लोगों का दिल जीत सकते हैं, दुश्मन के मन में प्रेम के बीज बो सकते हैं। लोगों का नेतृत्व करती है।

#अच्छाई और सच्चाई के रास्ते पर चलकर शायद शासन नहीं किया जाता है। अगर ऐसा होता तो गाँधी जी कुछ और साल हमारे पास रहते। बापू की अच्छाई और सच्चाई ने उन्हें हम सब से दूर कर दिया।

#यहाँ हर कोई अपना काम कर रहा है।

#एक चित्रकार, चित्र ही तो बनायेगा।

#राजनेता, राजनीति ही करेंगे, इसमें बुराई क्या है, वह अपना काम बखूबी कर रहे हैं। बस देखना होगा इन विपरीत परिस्थितियों में कौन कितना सक्षम होता है अपने कार्य में।

#यह परीक्षा की घड़ी है कि समय पर पकड़ बनाये रखने की क्षमता किसके नेतृत्व में है। अभी इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है, कि इस समय  क्या-क्या हथकंडे अपनाये जाते हैं और जनता के दिल में कितना विश्वास जगा पाते हैं। ये तो शासक की रणनीति ही तय करेगी कि, इस तूफान में कौन स्थिर रहेगा और कौन बह जायेंगा। ये तूफान के थमने के बाद ही पता चलेगी।

#अभी जनता घरों में बैठी है और आप आसानी से आज के युग में जनता को अपनी मौजूदगी का अहसास कराते सकते हैं। पर जनता और भी बहुत कुछ, देख भी रही है, सुन भी रही है और  महसूस भी कर रहीं है।

#समाज  में एक बदलाव राजनीति ला सकती है।  दूसरी प्रकृति। प्रकृति का बदलाव बहुत ताकतवर और असरदार होता है। 
                                        (धन्यवाद 🙏)

                          #देवी

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